Wednesday, 20 November 2019, 4:17 AM

कहानी

..हौसला मत खोना

Updated on 20 July, 2014, 16:19
'यार पता है, हमारे स्कूल में फिर से इंटर स्कूल डिबेट कॉम्पिटिशन आयोजित हो रहा है.. बहुत मजा आएगा।' स्कूल बस में मैं आराम से बैठा था कि तभी पीछे से किसी ने कहा। मुड़कर देखा तो मेरी क्लासमेट यह कहते हुए काफी उत्साहित नजर आई। पर मैं उदास हो... आगे पढ़े

पापा की तरकीब

Updated on 18 July, 2014, 12:21
श्रुति सुपर कमांडो ध्रुव की कॉमिक सीरीज पढ़ती, तो ध्रुव के हाव-भाव की नकल करने लगती। कभी किसी नॉवेल के मुख्य पात्र की तरह करतब दिखाने लगती। एक दिन उसने टीवी में कुछ देखा, तो छत से छलांग लगाने की सोचने लगी..। उसे लगने लगा कि छत से कूदते ही वह... आगे पढ़े

आत्मविश्वास की ताकत

Updated on 16 July, 2014, 21:24
शिखा और निशा दो बहनें थीं। शिखा आत्मविश्वासी थी, तो निशा में आत्मविश्वास की बेहद कमी थी। एक दिन मां ने दोनों को बाजार से कुछ सामान लाने के लिए भेजा। तभी शिखा का पैर साइकिल में फंस गया। यह देख निशा डर गई। वह सोचने लगी कि शिखा की... आगे पढ़े

बदल गया रोनित

Updated on 28 June, 2014, 12:07
पैर पटकता हुआ रोनित अपने कमरे में जाकर बिस्तर पर लेट गया। आज मां ने उसकी फिर पिटाई की थी। ऐसा अक्सर होता, जब रोनित किसी बेसहारा जानवर को तंग करता और मां को उसकी हरकत का पता चलता तो वे उसकी पिटाई कर देतीं। पहले पहल तो उन्होंने इस... आगे पढ़े

प्रयास की जीत

Updated on 24 June, 2014, 12:13
कविता जब किसी गेम में हारने लगती, तो तेज आवाज में रोने लगती या फिर विजेता टीम के किसी खिलाड़ी को मारकर भाग जाती। उसके इस स्वभाव से उसके दोस्त बहुत परेशान थे। एक दिन जब वह क्रिकेट खेलते हुए हारने लगी, तो वह जोर-जोर से रोने लगी। यह देखकर... आगे पढ़े

रोमांचक यात्रा

Updated on 23 June, 2014, 11:51
विक्की स्कूल से बाहर निकला तो देखा, शाम का अंधेरा घिरने लगा था। आज स्पोर्ट्स प्रेक्टिस में काफी देर लग गई। घर के पास चौराहे पर पहुंच उसने सोचा, ‘सड़क-सड़क जाऊंगा तो रास्ता लम्बा पड़ेगा। घर के पिछवाड़े खेत से छोटा पड़ेगा।’ लकड़ी का गेट खोल वह खेत की पगडंडी पर... आगे पढ़े

समय की कीमत

Updated on 11 June, 2014, 21:42
शिवम जैसे ही मैथ्स बुक पलटता, उसे तेज नींद आने लगती। उसने सोचा, इस बार गर्मी की छुंट्टी में अपनी इस बुरी आदत को बदलने की कोशिश करेगा। तभी रिशु वहां आया। उसने कहा-वीडियो गेम खेलने चलोगे शिवम? शिवम ने मन में सोचा कि अभी तो छुंिट्टयां शुरू हुई हैं। अगर... आगे पढ़े

काम आई बुद्धिमानी

Updated on 10 June, 2014, 11:54
सोमेश के मम्मी-पापा दोनों जॉब करते थे। एक दिन जब वह मोबाइल पर गेम खेल रहा था कि अचानक उसे छत पर किसी के कूदने की आवाज आई। उसने सोचा कि अगर घर में चोर घुस आए, तो मैं किस तरह अपनी और घर की रक्षा कर पाऊंगा। उसे अचानक... आगे पढ़े

दोस्ती’ : अनोखा स्वनिर्मित रिश्ता

Updated on 7 June, 2014, 13:04
रूही आठ साल की प्यारी लड़की थी। कक्षा तीसरी में पढ़ती थी। स्वभाव से चंचल और मिलनसार। कभी बगीचे में तितली पकड़ती तो कभी कोई छोटा पिल्ला घर ले आती और अपने हिस्से का दूध पिल्ले को दे देती। उसे दूध पीना पसंद नहीं था।  एक दिन रूही के स्कूल... आगे पढ़े

भोलू बना सितारा

Updated on 6 June, 2014, 16:51
भोलू, नमन, दिव्या और आंचल जगदंबा बस्ती में रहते थे। नमन और दिव्या को पढ़ना बहुत अच्छा लगता था। भोलू को ड्रामा पसंद था और आंचल को डांस करना अच्छा लगता था। सभी की उम्र 10 से 12 साल थी। इन दिनों चारों बच्चे अपने ही स्कूल में ड्रामा सीख... आगे पढ़े

जीजा साली पत्नी की जब मिली छह आँखें

Updated on 4 June, 2014, 17:29
टीवी पर आ रहे सीन से बरखा को झटका सा लगा। उसने अपने पास ही बेड पर बैठे जीजा को झिंझोड़ते हुए इशारा किया, कांत...कांत... देखो...देखो । टीवी पर एड चल रहा था... कल रात मुझ से भूल हुई...प्रिकोशन नहीं लिया...  मैं...गर्भवती होना नहीं चाहती... अनवान्टेड पे्रगनेन्सी को रोकने के... आगे पढ़े

भोलू कहां गया?

Updated on 13 May, 2014, 12:49
उन दिनों नंदन वन में बहुत चहल-पहल थी। बसंत के मौसम में पेड़ों पर नए-नए और कोमल बौर आ गए थे। रंग-बिरंगे फूलों के खिलने से नंदन वन की शोभा देखते बन पड़ रही थी। दो दोस्त गोलू और भोलू खरगोश के लिए यह मौसम और समय तो और भी... आगे पढ़े

तरबूज का पेड़

Updated on 11 May, 2014, 13:10
गपलू ने किसी दोस्त की बात का जवाब नहीं दिया। वो तो बस चुपचाप चलता जा रहा था। फिर वे सभी ऐसे मैदान में पहुंचे, जहां अकसर मेला लगता था। इन दिनों भी वहां मेला लगा हुआ था। गपलू अंदर पहुंचा और बाकी बच्चाों को बुलाने लगा। वहां एक पेड़... आगे पढ़े

योग्यता, क्षमता और रुचि से चुनें आगे की राह

Updated on 11 May, 2014, 13:07
एक बार जंगल में जानवरों ने सभा बुलाई। चर्चा का विषय था कि इंसान सभी जानवरों में सर्वोपरि क्यों है? हर क्षेत्र में इंसान आगे बढ़ रहा है। कुछ देर सोच-विचार और आपसी विमर्श के बाद जानवर एक मत हुए कि हो ना हो इसका कारण ‘स्कूल’ है। इंसान स्कूल... आगे पढ़े

जीनू-शीनू की चतुराई

Updated on 3 May, 2014, 13:19
जीनू और शीनू नाम के दो खरगोश थे। दोनों दोस्त थे। वे जहां कहीं भी खाने की तलाश में जाते, साथ-साथ जाते। लेकिन उन्हें बड़ा चौकन्ना होकर रहना पड़ता, क्यों उनके कई साथियों का शिकार किया जा चुका था। भीकू भेडिया तो इनकी हर समय तलाश में रहता कि कब... आगे पढ़े

मत उड़ाना रुस्तम का मजाक

Updated on 16 April, 2014, 17:13
ओमा शेरनी ने चार बच्चे दिए। उनमें से तीसरे नंबर का बच्चा रुस्तम अपने बाकी भाई-बहनों से बिलकुल अलग था। बाकी सबका रंग भूरा था, लेकिन रुस्तम था सफेद और उसके शरीर में चितकबरे धब्बे थे। उसे अपने भाई की तरह उछल-कूद मचाने, शिकार करने का जरा भी शौक नहीं... आगे पढ़े

दीया का दोस्त

Updated on 9 April, 2014, 18:12
शाम के पांच बज रहे थे। दीया बार-बार दीवार पर लगी घड़ी की ओर देख रही थी। मम्मी ने उसे डांटते हुए कहा, ‘देखो दीया, जब तक तुम अपना होमवर्क पूरा नहीं करोगी, तुम्हें पार्क में जाने को नहीं मिलेगा।’ पर दीया का मन नहीं लग रहा था। दरअसल उसका... आगे पढ़े

कौए की चतुराई

Updated on 9 April, 2014, 18:10
बुद्धि नामक कौआ नंदनवन में रहता था। वह कौओं का नेता था। नंदनवन के पशु-पक्षी, कौओं की पूरी जमात को नापसंद करते थे। उन्हें किसी भी समारोह में नहीं बुलाते थे। सारे कौए यह देखकर बहुत दुखी होते थे। नंदनवन के नए राजा टाइगर सिंह राजा शेरसिंह के बेटे थे।... आगे पढ़े

व्हेल के जीवाश्म में मिली खमीर की बनाई बीयर

Updated on 6 April, 2014, 13:41
दिल्ली : बीयर पसंद करने वालों ने तो इसकी कई किस्में ट्राई की होंगी। दुनिया भर में जहां-जहां भी बियर और वाइन बनाई जाती हैं, वहां पीने वालों के लिए हमेशा नई किस्मों पर काम किया जाता है। ये वो किस्में होती हैं जिन्हें ये सोचकर और पूरी तरह से जांच... आगे पढ़े

खाई और पुल

Updated on 2 April, 2014, 13:48
दो भाई थे। दोनों में प्रेम-भाव था और वे मिलकर खेती किया करते थे। इससे उनकी अच्छी आमदनी हो जाती थी, जिसे वे आपस में बांट लिया करते थे। लेकिन किसी छोटी-सी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। बड़े भाई ने आधा खेत अपने कब्जे में कर लिया... आगे पढ़े

आया था भीख मांगने और बन गया राज पंडित

Updated on 31 March, 2014, 13:33
कौशांबी के राजा जितशत्रु ने चौदह विद्याओं में पारंगत तथा परम तपस्वी ब्राह्मण काश्यप को राजपंडित मनोनीत किया था। अचानक काश्यप की मृत्यु हो गई। उनके पुत्र कपिल ने एक दिन अपनी मां से पूछा, मां, जब राजा का पुत्र राजा की जगह ले सकता है, तो मैं राजपंडित क्यों... आगे पढ़े

सोहा को मिली सीख

Updated on 24 March, 2014, 12:12
सोहा को एग्जाम के दिनों में देर रात तक पढ़ने की आदत थी। गणित का पेपर देखकर वह काफी खुश हुई। उसे सारे सवाल आते थे। पर जब उन्हें हल करने बैठी, तो उसे एक फॉर्मूला याद नहीं आ रहा था। वह उस आसान सवाल को भी हल न कर... आगे पढ़े

मेहनत का फल

Updated on 24 March, 2014, 12:10
स्कूल की तरफ से कुछ बच्चे आगरा घूमने जा रहे थे। सभी बच्चों की तरह आनंद भी ताजमहल देखना चाहता था, पर उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि जाने वालों की सूची में अपना नाम दर्ज करा सके। तभी उसे एक आइडिया सूझा..। कुछ दिन बाद उसके घर से... आगे पढ़े

गधा, निरा गधा निकला

Updated on 22 March, 2014, 12:14
चंकी उल्लू उदास था। जंगल में सबके दोस्त थे, जो आपस में मिल-जुल कर खेलते, उड़ते, दाना चुगते, मिल कर गाना गाते और जोर-जोर से हंसते। पर चंकी उल्लू एकदम अकेला। न दोस्त न रिश्तेदार। पेड़ की ऊंची टहनी पर अपने घर में अकेला बैठा औरों को हंसते-खेलते देखता तो... आगे पढ़े

यादगार होली

Updated on 12 March, 2014, 21:38
भगतसिंह मार्केट के पास एक कॉलोनी थी। नाम था—होली कॉलोनी। यह कोई नहीं जानता था कि इस कॉलोनी का यह नाम किसने रखा। लेकिन नाम बड़ा अजीबोगरीब और दिलचस्प था। इस कॉलोनी की एक खास बात यह थी कि यहां क्रिश्चियन और मुसलिम समुदाय के लोग ही रहते थे। यह... आगे पढ़े

चोरी हो गए कुएं

Updated on 10 March, 2014, 12:33
एक बार राजा कृष्णदेव राय ने अपने गृहमंत्री को राज्य में अनेक कुएं बनाने का आदेश दिया। गर्मियां पास आ रही थीं, इसलिए राजा चाहते थे कि कुएं शीघ्र तैयार हो जाएं ताकि लोगों को गर्मियों में थोड़ी राहत मिल सके। गृहमंत्री ने इस कार्य के लिए शाही कोष से... आगे पढ़े

फूटा घड़ा

Updated on 5 March, 2014, 17:54
बहुत  समय  पहले  की  बात  है  , किसी  गाँव  में  एक   किसान  रहता  था . वह  रोज़   भोर  में  उठकर  दूर  झरनों  से  स्वच्छ  पानी  लेने  जाया   करता  था . इस  काम  के  लिए  वह  अपने  साथ  दो  बड़े  घड़े  ले  जाता  था , जिन्हें  वो  डंडे  में   बाँध  कर ... आगे पढ़े

हाथी और छह अंधे व्यक्ति

Updated on 5 March, 2014, 17:52
बहुत समय पहले की बात है , किसी गावं में 6 अंधे आदमी रहते थे. एक दिन गाँव वालों ने उन्हें बताया , ” अरे , आज गावँ में हाथी आया है.”  उन्होंने आज तक बस हाथियों के बारे में सुना था पर कभी छू कर महसूस नहीं किया था.... आगे पढ़े

चांद आया मेरे घर

Updated on 27 February, 2014, 13:28
अंतरिक्ष के कमरे के बाहर की खिड़की से ज्यूरा पहाडियों के पीछे चांद चमक रहा था। नीली शर्ट पहने अंतरिक्ष ने खिड़की के पास जाकर इशारे से चांद को बुलाया-‘आ जाओ। मेरे पास आओ’। जब चांद ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसने कुछ जोर से कहा- ‘मां कहती है तुम... आगे पढ़े

पांच सौ रुपए

Updated on 27 February, 2014, 13:27
बेटा संजीव, सुबह-सुबह कहां जा रहे हो? संजीव ने अपनी मोटरसाइकिल स्टार्ट करके कहा, ‘मां, यहीं एटीएम तक, कुछ रुपये निकालने हैं।’ अभी संजीव कुछ दूर ही गया था कि किसी ने उसे मदद के लिए पुकारा। उसने मुड़ कर देखा तो एक आदमी एकदम रोनी सूरत बना कर बोला-... आगे पढ़े